लखनऊ , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र गुरुवार को आयोजित होने जा रहा है, जिसे लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां विपक्ष अपनी रणनीति तय करने में जुटा है, वहीं सत्तारूढ़ एनडीए ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।

साल 2027 के विधानसभा चुनाव से करीब 10 महीने पहले बुलाया गया यह विशेष सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़े टकराव का मंच बन सकता है। प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने अपने विधायकों की बैठक बुलाकर रणनीति को अंतिम रूप देने की तैयारी की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बताया कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल की दोपहर बैठक बुलाई है, जिसमें इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर अपने रुख को स्पष्ट करने की तैयारी में है। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि पार्टी आज इस विषय पर निर्णय लेगी और बेहतर तालमेल के लिए समाजवादी पार्टी नेतृत्व से भी बातचीत की जाएगी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर कोई प्रस्ताव सदन में लाएगी या नहीं, लेकिन पार्टी सरकार के रुख का जवाब देने के लिए रणनीति बना रही है।

इधर, भारतीय जनता पार्टी विपक्ष को संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित न होने देने के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है। इस संशोधन का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण को तेजी से लागू करना और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का नेतृत्व किया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में महिला रैली कर इस मुद्दे को प्रमुखता दी है।

इस बीच, विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आज होगी, जिसमें विशेष सत्र की कार्यवाही का एजेंडा तय किया जाएगा।

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