लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर , जुलाई 30 -- उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की वर्ष 2026 की अर्धवार्षिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश का रियल एस्टेट क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में 143 नई रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हुईं, जिनमें 46,049 आवासीय इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं में लगभग 31,952 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की समान अवधि में 134 परियोजनाएं पंजीकृत हुई थीं, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 143 हो गई है। सबसे अधिक 37 परियोजनाएं लखनऊ में पंजीकृत हुईं। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर (27), गाजियाबाद (19), आगरा (10), मथुरा (10), वाराणसी (7), झांसी (3), बाराबंकी (3), बरेली (3) और प्रयागराज (3) का स्थान रहा।

यूपी रेरा ने कहा कि परियोजनाओं, निवेश और आवासीय इकाइयों में वृद्धि से स्पष्ट है कि राज्य की नियामक व्यवस्था, बेहतर बुनियादी ढांचे और पारदर्शी प्रणाली पर निवेशकों तथा डेवलपर्स का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रियल एस्टेट विकास अब केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) तक सीमित नहीं है। राजधानी लखनऊ 37 नई परियोजनाओं के साथ एनसीआर के बाहर सबसे प्रमुख रियल एस्टेट केंद्र बनकर उभरा है। हालांकि कुल निवेश और आवासीय इकाइयों के मामले में गौतमबुद्ध नगर शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि गाजियाबाद में भी अपेक्षाकृत कम परियोजनाओं के बावजूद निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या उल्लेखनीय रही।

जनवरी से जून 2026 के दौरान लखनऊ में 3,834 करोड़ रुपये के निवेश से 9,872 आवासीय इकाइयों, गौतमबुद्ध नगर में 15,678 करोड़ रुपये के निवेश से 13,160 इकाइयों तथा गाजियाबाद में 6,989 करोड़ रुपये के निवेश से 9,500 आवासीय इकाइयों का प्रस्ताव किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 से प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। इसी अवधि में आवासीय इकाइयों की संख्या 55,297 से बढ़कर 84,976 हो गई, जबकि पूंजी निवेश 28,411 करोड़ रुपये से बढ़कर 68,328 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

यूपी रेरा ने घर खरीददारों को राहत पहुंचाने के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किया है। जिला प्रशासन की सहायता से 6,411 मामलों में 1,623.28 करोड़ रुपये तथा समझौते के माध्यम से 1,801 मामलों में 550.50 करोड़ रुपये वापस कराए गए। इस प्रकार कुल 8,212 मामलों में 2,173.78 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटियों को वापस दिलाई गई।

रिपोर्ट के अनुसार समीक्षा अवधि में 11,558 मामलों में 6,032.42 करोड़ रुपये मूल्य के संपत्ति विवादों का निस्तारण किया गया। इनमें रेरा पीठों के माध्यम से 3,237 मामलों, सुलह मंच के जरिए 1,648 मामलों तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 6,673 मामलों का समाधान शामिल है।

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि अर्धवार्षिक रिपोर्ट से स्पष्ट है कि प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीददारों और निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पंजीकरण, निवेश और आवासीय इकाइयों में वृद्धि राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों तथा रेरा की पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रेरा भविष्य में भी उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, समयबद्ध परियोजना पूर्ण कराने, धनवापसी और विवादों के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

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