लखनऊ , जुलाई 30 -- उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने अपने प्रशिक्षण संस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड ट्रेनिंग (सीओईटी) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू कर भारत का पहला मेट्रो संगठन बनने का दावा किया है। यह पहल भारत सरकार के 'स्किल इंडिया मिशन' के तहत मेट्रो क्षेत्र के लिए कुशल एवं प्रमाणित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ करते हुए कहा कि भारत और दुनिया भर में मेट्रो नेटवर्क के तेजी से विस्तार के साथ प्रशिक्षित एवं प्रमाणित पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इन ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रमों के माध्यम से यूपीएमआरसी भारत और विदेशों के शिक्षार्थियों के साथ अपनी तकनीकी विशेषज्ञता साझा करेगा तथा मेट्रो उद्योग के लिए दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में योगदान देगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हैं और देश का कुल परिचालन मेट्रो नेटवर्क 1,095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परिचालित मेट्रो नेटवर्क बन गया है। देश में अनेक नई मेट्रो परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जबकि खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में भी मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।

यूपीएमआरसी द्वारा प्रारंभ किए गए एक दर्जन से अधिक ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रमों में रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग, ट्रैक अनुरक्षण तथा ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) जैसे विषय शामिल हैं। भविष्य में मेट्रो योजना, निर्माण, संचालन, अनुरक्षण, सुरक्षा तथा अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों से संबंधित पाठ्यक्रम भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाएंगे।

ये पाठ्यक्रम इंजीनियरों, मेट्रो क्षेत्र के पेशेवरों, सलाहकारों, ठेकेदारों के कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले शिक्षार्थियों के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें भारतीय और विदेशी दोनों प्रतिभागी नामांकन कर सकते हैं।

यूपीएमआरसी के अनुसार भारतीय नागरिकों के लिए प्रति पाठ्यक्रम शुल्क 200 रुपये तथा विदेशी नागरिकों के लिए 100 अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी यूपीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट के 'ऑनलाइन कोर्सेस' अनुभाग में जाकर नामांकन कर सकते हैं।

प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल मेट्रो उद्योग की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रमाणित पेशेवरों का मजबूत आधार तैयार करने के साथ-साथ 'स्किल इंडिया मिशन' को भी नई गति प्रदान करेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित