लखनऊ , मार्च 25 -- उत्तर प्रदेश की सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. रितु माहेश्वरी ने कहा है कि प्रदेश में 24 करोड़ आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट) आईडी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें से लगभग 15 करोड़ आईडी बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को आभा आईडी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, इसे हेल्थ रिकॉर्ड से जोड़ने और ओपीडी, फार्मेसी व लैब सेवाओं में इसके व्यापक उपयोग पर बल दिया है।
उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बुधवार को लखनऊ, देवीपाटन और अयोध्या मंडल के लिए आयोजित सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को तेज करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण ने कहा कि एबीडीएम का उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापूर्ण और पेपरलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसंख्या के अनुरूप आभा आईडी बनवाने और उन्हें हेल्थ रिकॉर्ड से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि आभा आईडी के माध्यम से मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं, जिससे अस्पतालों में लंबी कतारों से बचाव और समय की बचत होती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित