लखनऊ , मई 30 -- उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग द्वारा जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार 30 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 31 मई को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि 1 जून को कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बौछारें पड़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने 30 मई के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेघगर्जन, वज्रपात और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के झोंकों के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई है। हवा की गति झोंकों में बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना व्यक्त की गई है।
31 मई को प्रदेश के दोनों हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। 1 जून को भी कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 2 जून से 4 जून तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है तथा इस अवधि के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 5 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित