लखनऊ , अप्रैल 13 -- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन और सरकार-दोनों स्तर पर बड़ा रणनीतिक बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में नए चेहरों को मौका देने के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक़ संभावित विस्तार में जिन नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं, उनमें भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज पांडेय, पूजा पाल, अजीतपाल त्यागी और आकाश सक्सेना शामिल हैं। इसके अलावा अशोक कटारिया और अश्वनी त्यागी का नाम भी दावेदारों की सूची में मजबूत माना जा रहा है। पार्टी इन नामों के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ नए सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश में है।

कैबिनेट विस्तार के साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी देने की भी चर्चा है। इनमें नरेंद्र कश्यप, दिनेश खटिक और सोमेंद्र तोमर के नाम प्रमुख हैं। पार्टी का मानना है कि इन नेताओं का संगठन में अनुभव चुनावी तैयारी को और मजबूत कर सकता है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा इस बार उत्तराखंड में अपनाए गए फॉर्मूले को उत्तर प्रदेश में भी लागू कर सकती है। इसके तहत बिना किसी मंत्री को हटाए भी नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इससे असंतोष को कम रखते हुए संतुलन साधने की रणनीति अपनाई जा सकती है।

भाजपा सूत्रों की मानें तो आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर फोकस तय किया है जिसमे जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधना, सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, डॉ. भीमराव आंबेडकर के जरिए दलित वोट बैंक पर फोकस, महिलाओं के लिए नई योजनाएं और प्रतिनिधित्व बढ़ाना और पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नैरेटिव का काउंटर , राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और कानून-व्यवस्था पर जोर शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त कार्यशैली भी इस रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, माफिया पर बुलडोजर कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर त्वरित सुनवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित