वाराणसी , मार्च 15 -- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न और उसके विकल्पों को लेकर विवाद गहरा गया है। रविवार को वाराणसी के अहिल्याबाई घाट पर काशी के विप्र समाज और बटुकों ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

विप्र समाज का आरोप है कि परीक्षा के हिंदी खंड में एक 'अत्यंत आपत्तिजनक और असंवेदनशील' प्रश्न पूछा गया। प्रश्न था- 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाले' के लिए एक शब्द चुनें। इसके विकल्पों में 'पंडित', 'अवसरवादी', 'निष्कपट' और 'सदाचारी' को रखा गया था।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विप्र समाज के संयोजक डॉ. पवन शुक्ला ने कहा कि "प्रश्न का ढांचा पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला' व्यक्ति 'अवसरवादी' कहलाता है, लेकिन विकल्पों में 'पंडित' शब्द को शामिल करना एक विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है।"उन्होने कहा "पंडित शब्द विद्वान, ज्ञानी और धार्मिक मर्यादा का प्रतीक है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक भाव से जोड़ना अनुचित और संवेदनहीन है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह जानबूझकर किया गया प्रयास है।"वक्ताओं ने कहा कि यह न केवल परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठाता है, बल्कि सरकार की छवि को धूमिल करने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की भी कोशिश है। प्रश्न पत्र तैयार करने वाली कमेटी और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय जाँच कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस विवादित प्रश्न को आधिकारिक रूप से निरस्त कर सुधार किया जाए।

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