प्रयागराज , अक्टूबर 06 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यूपीटीईटी-2026 के परीक्षा परिणाम में नॉर्मलाइजेशन और ओएमआर शीट रिजेक्शन को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर अभ्यर्थी पूरी रात डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि ओएमआर शीट में हुई मामूली मानवीय त्रुटियों के आधार पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परिणाम निरस्त कर दिए गए। वहीं, नॉर्मलाइजेशन की वजह से कई ऐसे अभ्यर्थी भी असफल हो गए, जो अपने प्राप्त अंकों के आधार पर खुद को उत्तीर्ण मान रहे थे।

अभ्यर्थियों ने प्रभावित ओएमआर शीट की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रोल नंबर, प्रश्नपत्र पुस्तिका संख्या या अन्य आवश्यक कॉलम भरने में हुई छोटी गलती के आधार पर किसी अभ्यर्थी को परीक्षा परिणाम से बाहर करना उचित नहीं है। उन्होंने जांच के बाद संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में लागू नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की भी समीक्षा करने और अंकों की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि किसी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने आयोग से ओएमआर रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन से प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को न्याय देने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

गौरतलब है कि आयोग ओएमआर रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन से जुड़ी अधिकांश आपत्तियों को पहले ही खारिज कर चुका है। आयोग का कहना है कि परीक्षा से पहले जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया था कि बहुपाली परीक्षा होने की स्थिति में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया लागू की जाएगी।

इसके बावजूद अभ्यर्थी परिणाम में ओएमआर रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन को लेकर अपनी आपत्तियों पर पुनर्विचार की मांग करते हुए धरने पर बैठे हैं।

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