रायपुर , ज 17 -- छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया के बीच बुधवार को नवा रायपुर स्थित नीति भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 'विकसित छत्तीसगढ़' और 'बस्तर अंजोर' कार्यक्रमों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में बाल कल्याण, सार्वजनिक वित्त, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन तथा आदिवासी क्षेत्रों में विकास संबंधी योजनाओं पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सोलेदाद हेरेरो ने किया। बैठक में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख सीमा कुमार तथा सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी मौजूद रहे।
बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के तहत राज्य के 50 से अधिक विभागों के लिए तैयार किए गए प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा की गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास मॉडल में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण को केंद्रीय स्थान दिया गया है।
इस दौरान राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित 'विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई' (वीसी-एसपीएस यूनिट) के कार्यों की सराहना की गई। यह इकाई बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण से जुड़े विषयों पर विभागों को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राज्य नीति आयोग देश में पहली बार राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण सूचकांक एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। यूनिसेफ ने इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बताया।
'बस्तर अंजोर' कार्यक्रम को आदिवासी समुदायों और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए यूनिसेफ ने इसके औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि और रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहमति दी। बस्तर संभाग के सात जिलों में संचालित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सामाजिक संरक्षण पर केंद्रित है।
बैठक में सामुदायिक जागरूकता, जनविश्वास निर्माण और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन को विकास की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े जन-जागरूकता अभियानों में संयुक्त प्रयास करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
यूनिसेफ की फील्ड सेवा प्रमुख सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का रणनीतिक सहयोगी रहा है और भविष्य में भी विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक तथा बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग जारी रहेगा।
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