शिलांग , सितंबर 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के आठ पूर्व विधायकों ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से मेघालय विधानसभा में अपना विलय पत्र सौंपा।
गौरतलब है कि यह कदम यूडीपी द्वारा संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत इन आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका दायर करने के बाद उठाया गया है। आठ विधायकों ने विधानसभा सलाहकार (विधि) एंड्रयू साइमंस को अपना विलय पत्र सौंपा क्योंकि अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा अभी एक सम्मेलन के बाद शैक्षणिक दौरे पर माल्टा गए हुए हैं।
श्री साइमंस ने यूनीवार्ता को बताया, "मुझे आठ विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र मिला है जिसमें अध्यक्ष को भाजपा के साथ उनके विलय के बारे में सूचित किया गया है। उन्होंने जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं और इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने कहा कि कोई भी आधिकारिक आदेश जारी करने से पहले अध्यक्ष संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और विधानसभा नियमों के अनुसार विधायकों के विलय पत्र और यूडीपी की अयोग्यता याचिका दोनों की जांच करेंगे।
दस्तावेज जमा करते समय आठ में से सात विधायक लाहकमेन रिम्बुई, किर्मेन श्यल्ला, ओलन सिंह सुइन, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, पायस मारवेइन, सिनशर थाबाह और बालाजीद सिनरेम मौजूद थे। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और भाजपा के संसदीय दल के नेता व मंत्री सैनबोर शुलाई भी थे। श्री मयरालबॉर्न सिएम, जो मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा में शामिल हुए थे, दस्तावेज सौंपते समय वहां मौजूद नहीं थे, हालांकि साइमंस को सौंपे गए कागजात में उनके दस्तावेज भी शामिल थे।
उनसे जब पूछा गया कि क्या इस कदम को भाजपा के साथ यूडीपी विधायक दल का विलय माना जा सकता है, तो श्री साइमंस ने कहा कि इस मामले की कानूनी जांच की ज़रूरत होगी क्योंकि यूडीपी के चार विधायक अभी भी क्षेत्रीय पार्टी के साथ बने हुए हैं।
गौरतलब है कि यूडीपी के राज्य संसदीय बोर्ड के सचिव एलेंट्री खार ने बुधवार को अध्यक्ष के कार्यालय में आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने की पार्टी की याचिका सौंपी थी। यूडीपी ने इनमें से तीन विधायकों किर्मेन श्यल्ला, ओलन सुइन और मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह को कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने के आरोप में निलंबित कर दिया था।
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