तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 07 -- कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि भविष्य में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूडीएफ) की बनने वाली सरकार उस विवादित ऑडियो क्लिप की जांच करेगी, जिसमें मंत्री यह दावा करते हुए सुनाई दे रहे हैं कि केरल में विनाशकारी बाढ़ लाने के लिए बांधों को जान-बूझकर बंद किया गया था।

श्री वेणुगोपाल ने केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऑडियो रिकॉर्डिंग में हुए खुलासे 'चौंकाने वाले' हैं और उन्होंने सरकार पर राज्य को एक 'मानव-निर्मित आपदा' में धकेलने का आरोप लगाया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और उन्हें केरल की जनता के सामने जवाब देना होगा।

श्री वेणुगोपाल ने राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राज्य में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने के लिए एक गुप्त समझौता है, जिसे उन्होंने 'उत्तर भारतीय मॉडल' जैसा बताया। उन्होंने दोनों पार्टियों के नेताओं के हालिया बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि वे एक समन्वित रणनीति को दर्शाते हुए एक गहरे राजनीतिक गठजोड़ को उजागर करते हैं।

उन्होंने कहा कि केरल की जनता ने पहले भी राज्य को सांप्रदायिक रंग देने के प्रयासों को खारिज किया था और 'द केरल स्टोरी' जैसी कहानियों का विरोध किया था। वे विधानसभा चुनावों में एक बार फिर कड़ा जवाब देगी। उन्होंने चुनावों के बाद भी राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

श्री वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, नितिन गडकरी और निर्मला सीतारमण के साथ बंद दरवाजों के पीछे हुई बैठकों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि चर्चाएं आधिकारिक थीं, तो अधिकारियों को उनसे बाहर क्यों रखा गयाउन्होंने एसएनसी-लवलीन मामले और मुख्यमंत्री की बेटी से जुड़े एक्जालोजिक विवाद का भी जिक्र किया और विजयन पर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपनी राजनीतिक स्थिति से समझौता करने का आरोप लगाया।उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा-भाजपा का यह 'समझौता' त्रिशूर लोकसभा चुनावों के दौरान भी दिखाई दिया और दावा किया कि पूरम उत्सव के दौरान हुई बाधाओं से भाजपा उम्मीदवार सुरेश गोपी को फायदा हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि इस घटना के संबंध में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों को क्यों बचाया जा रहा है।

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