देहरादून , जुलाई 25 -- उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में पेपर लीक मामले में संबंधित प्रोफेसर की गिरफ्तारी के साथ नौकरी से बर्खास्तगी के तीसरे दिन शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने विश्वविद्यालय गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही, तकनीकी शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत का पुतला दहन किया। इस बीच पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों से हुई झड़प के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके कुछ घंटों बाद रिहा भी कर दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत की अगुवाई में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नन्दा की चौकी से मार्च करते हुए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय का घेराव किया। श्री गोदियाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों को युवा हितों पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देश और प्रदेश में जिस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं तकनीकी शिक्षा, नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जैसी परीक्षाओं मे पेपर परीक्षा से पूर्व लीक हो रहे हैं उससे परीक्षा का आयोजन करने वाली एजेंसियों और भाजपा सरकारों की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है तथा पूर्व में हुई पेपर लीक की घटनाओं में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता ने सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को ही संदिग्ध बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार भर्ती परीक्षाओं और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
श्री गोदियाल ने कहा कि यदि पेपर लीक की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने मांग की कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों की नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि प्रतिभाशाली और मेहनती विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा तो युवाओं का व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक प्रकरण में जिन लोगों ने पैसे और प्रभाव के दम पर मेहनती विद्यार्थियों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
प्रदेश चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (नीट) तथा तकनीकी शिक्षा परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और धांधली के मामलों ने लाखों मेहनती छात्रों और उनके अभिभावकों का विश्वास तोडने का काम किया है।
पार्टी की चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष रावत ने कहा कि आज देश और प्रदेश का युवा अपने गरीब माता-पिता की खून पसीने की कमाई से दिन-रात मेहनत करके अपने भविष्य का सपना देखता है लेकिन जब परीक्षाओं की गोपनीयता ही सुरक्षित न रहे तो प्रतिभाशाली और ईमानदार छात्रों का मनोबल टूटना स्वाभाविक है। भाजपा की केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करें।
प्रदर्शन के उपरान्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तकनीकी शिक्षा मंत्री रावत का पुतला दहन भी किया। इस दौरान "युवा विरोधी सरकार मुर्दाबाद", "पेपर लीक बंद करो", और "दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करो" जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन के उपरान्त पुलिस ने तीनों प्रदेश स्तरीय नेताओं सहित अनेक कांग्रेस जनों को गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई जहां थोडी देर बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
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