देवरिया , जनवरी 27 -- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम 2026 के विरोध में देवरिया तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सामान्त मिश्रा ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा तहसील बार की एल्डर्स कमेटी को सौंपा।

इस्तीफे में अधिवक्ता सामान्त मिश्रा ने यूजीसी के नए नियम को छात्रों के भविष्य के लिए घातक बताते हुए कहा कि यह नियम अत्याचार के समान है और इसके लागू होने से शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस नियम को लेकर सवर्ण समाज सहित छात्रों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया नियम अंग्रेजों के दौर के 1919 के रॉलेट एक्ट का ब्लूप्रिंट है, जिसके विरोध में जलियांवाला बाग जैसी घटनाएं हुई थीं। उनका कहना था कि यह नियम बिना समुचित जांच के मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने का रास्ता खोलता है और यह समाज को जाति व धर्म के आधार पर बांटने वाला है।

वहीं, कुछ अन्य अधिवक्ताओं ने भी इस नियम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे समाज में अराजकता और अलगाव की स्थिति पैदा हो सकती है।

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