वाराणसी , जनवरी 29 -- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नियमावली ने पूरे देश में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रयागराज से काशी लौटे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार को यूजीसी के इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार सनातन धर्म को बांटना चाहती है तथा एक जाति को दूसरी जाति से लड़वाना चाहती है। नई नियमावली पूरी तरह सनातन विरोधी है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में न्याय की कोई आशा नहीं दिखती और देश को यही संदेश जा रहा है। पूरे देश ने देखा कि किस तरह बटुकों की चोटी पकड़कर उनका अपमान किया गया। सरकार और प्रशासन का चेहरा सबके सामने आ गया है। न तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और न ही सुधार का कोई प्रयास किया।

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