मऊ , सितंबर 11 -- उत्तर प्रदेश के मऊ में शुक्रवार को यूजीसी कानून और आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकदिवसीय धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को 'काला कानून' बताते हुए जातिगत आधार पर आरक्षण के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की।

सवर्ण एकता मंच के संयोजक विजय प्रताप सिंह के आह्वान पर आयोजित धरने में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने यूजीसी कानून के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि इससे समाज में विभाजन बढ़ेगा।

भाजपा नेता संतोष सिंह ने कहा कि यूजीसी कानून में किए गए प्रावधानों की मांग स्वयं दलित समाज के लोगों ने नहीं की थी, बल्कि सरकार में बैठे लोगों ने समाज को बांटने के उद्देश्य से यह कानून लागू किया है।

अन्य वक्ताओं ने जातिगत आरक्षण का विरोध करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। सवर्ण एकता मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग को मिल रहे आरक्षण का विरोध करना नहीं है, बल्कि आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक संशोधन की मांग करना है।

वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा समय में आरक्षण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किए जाने की आवश्यकता है। धरने के दौरान यूजीसी कानून में संशोधन और आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। धरने में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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