नयी दिल्ली , मार्च 19 -- भारत में यूक्रेन के दूतावास ने गुरुवार को भारत में छह यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत में लिये जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस मामले का एक "राजनीतिक रूप से प्रेरित" पहलू हो सकता है।
दूतावास की ओर से जारी विज्ञप्ति में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया है और कहा गया है कि यह मामला रूस द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर शुरू किया गया हो सकता है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। यूक्रेन ने आतंकवाद से जोड़ने वाले किसी भी आरोप को पूरी तरह से खारिज किया है और कहा है कि वह खुद आतंकवाद का शिकार रहा है।
दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया, "यूक्रेन एक ऐसा देश है जो रोज़ाना रूसी आतंकवाद के परिणामों का सामना करता है, और आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने में एक सैद्धांतिक और अडिग रुख अपनाता है।" दूतावास ने कहा कि भारत और यूक्रेन दोनों ही आतंकवाद के खिलाफ एक मज़बूत और एक जैसा रुख रखते हैं। इसके संदर्भ में अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यूक्रेन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान का हवाला दिया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की थी और उससे निपटने के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान किया था।
यूक्रेन ने कहा है कि आतंकवाद से जुड़े किसी भी आरोप की जाँच सत्यापित तथ्यों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और पूर्ण अंतर-सरकारी सहयोग के आधार पर की जानी चाहिए। दूतावास ने इस मामले में एक निष्पक्ष, तटस्थ और पारदर्शी जाँच की माँग की और मौजूदा द्विपक्षीय कानूनी ढाँचों के तहत भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने की अपनी तत्परता व्यक्त की। यूक्रेन की ऐसी किसी भी गतिविधि में कोई दिलचस्पी नहीं है जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो, बल्कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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