नयी दिल्ली , मार्च 24 -- अहमदाबाद की एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में यूको बैंक के अधिकारियों सहित चार व्यक्तियों को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही उन पर कुल 1.33 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

अदालत ने पहले मामले में गांधीनगर के चिलोडा शाखा के यूको बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक मेदम भगवती प्रसाद और तत्कालीन सहायक प्रबंधक भास्कर रमेशचंद्र सोनी के साथ साबरकांठा के हेवन फाइव एंटरप्राइज के प्रोपराइटर जयेंद्रसिंह दह्याजी मकवाना को बैंक धोखाधड़ी के मामले में पांच साल के सश्रम कारावास और कुल 1.33 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

सीबीआई द्वारा 2016 में दर्ज किए गए इस मामले में मेदम भगवती प्रसाद पर शाखा प्रबंधक के रूप में कार्य करते हुए जाली दस्तावेजों के आधार पर 643 लाख रुपये की नकद ऋण सीमा (टर्म लोन सहित) को धोखाधड़ी से स्वीकृत करने और वितरित करने का आरोप था। यह भी प्रस्तुत किया गया कि दिसंबर 2015 तक 17 खातों में कुल बकाया राशि 363 लाख रुपये थी। अधिकांश ऋण खाते एनपीए में बदल गए, जिससे यूको बैंक को भारी नुकसान हुआ। जांच के बाद सीबीआई ने 2017 में आरोपपत्र दाखिल किया था।

अदालत ने चार आरोपियों मेदम भगवती प्रसाद, भास्कर रमेशचंद्र सोनी और गांधीनगर की श्री वनराज एंटरप्राइज के प्रोपराइटर वनराजजी प्रभातजी सोलंकी को बैंक धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में पांच साल के सश्रम कारावास और कुल 72 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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