देहरादून , मार्च 21 -- उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के दिल्ली स्थित दफ्तर को बिना नोटिस जबरन खाली कराने की घटना को 'लोकतंत्र की हत्या' बताते हुए कहा है कि दुनिया भर में प्रेस की आजादी को मजबूत करने की जब बात होती है तो इस तरह की घटना हमारी लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुंचाती है।
श्री प्रताप ने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि कल शाम हुई इस घटनाक्रम ने सभी को स्तब्ध कर दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पत्रकारों और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर न्यूजरूम खाली कराना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि दशकों से 9 रफी मार्ग स्थित परिसर से संचालित यूएनआई कार्यालय को इस तरह अचानक खाली कराना न केवल अनुचित है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा आघात भी है। बिना पूर्व सूचना के की गई यह कार्रवाई अराजकता है और इससे साफ है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यूएनआई हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में समाचार सेवा देने वाली एक प्रतिष्ठित एजेंसी रही है। ऐसे संस्थान के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित मामले में फैसले के कुछ घंटों बाद ही सरकारी अधिकारियों, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 300 जवानों ने परिसर में प्रवेश कर कर्मचारियों से तत्काल कार्यालय खाली करने को कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि जब मामले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दिए जाने की संभावना थी, उससे पहले ही इस तरह की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत प्रतीत होती है।
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