नयी दिल्ली , मार्च 23 -- संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने सोमवार को अरब और इस्लामी देशों की आलोचना की क्योंकि वे ईरानी हमलों का सामना कर रहे खाड़ी देशों को समर्थन देने में विफल रहे हैं । उन्होंने चेतावनी दी है कि सामूहिक कार्रवाई की कमी क्षेत्रीय विश्वसनीयता को कमजोर करती है।
श्री गर्गश ने कहा कि खाड़ी देशों पर लगातार सुरक्षा खतरों का साया लगातार रहने के दौरान क्षेत्रीय संस्थानों की सहायता लगभग नदारद रही। श्री गर्गश ने कहा, "जब हमारे लोग और राष्ट्र इस विश्वासघाती ईरानी आक्रमण का सामना कर रहे हैं, तब अरब और इस्लामी कार्यकारी संस्थाएं, जिनमें प्रमुख रूप से अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन शामिल हैं, वे कहां हैं?"उन्होंने प्रमुख क्षेत्रीय शक्तियों के रुख पर भी सवाल उठाते हुए पूछा, "प्रमुख अरब और क्षेत्रीय देश कहां हैं?" श्री गर्गश ने कहा कि एक मजबूत सामूहिक प्रतिक्रिया के अभाव के कारण देशों के लिए बाद में इस क्षेत्र में अमेरिका और पश्चिमी शक्तियों की भूमिका की आलोचना करना मुश्किल हो गया।
उन्होंने कहा कि इस अनुपस्थिति और अक्षमता की स्थिति में, बाद में अरब और इस्लामी भूमिका के पतन की बात करना या अमेरिकी और पश्चिमी उपस्थिति की आलोचना करना अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि खाड़ी देशों ने ऐतिहासिक रूप से समृद्धि के समय में अन्य देशों का समर्थन किया है और वर्तमान संकट के दौरान पारस्परिक समर्थन की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "अरब खाड़ी के देश समृद्धि के समय में सभी के लिए सहायक एवं भागीदार थे तो आज कठिनाई के समय में आप कहां हैं?"श्री गर्गश ने यह भी चेतावनी दी कि जारी हमले वाशिंगटन के साथ संयुक्त अरब अमीरात के सुरक्षा संबंधों को और गहरा कर सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईरान मिसाइलों और ड्रोन से संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी सहयोग परिषद देशों को निशाना बना रहा है।
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