दुबई , जुलाई 14 -- संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने दो तेल टैंकरों पर हुए कथित ईरानी मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे "दुस्साहसिक हमला" और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाएगा।

यूएई के अनुसार, कथित हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है। यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।

यूएई रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी बयान में कहा, "मंत्रालय इस दुस्साहसिक हमले की निंदा करता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है तथा क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए स्पष्ट खतरा पैदा करता है।"उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ "बहुत कड़ी कार्रवाई" कर रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच लगातार तीसरी रात अमेरिकी हमले किए गए।

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य का "संरक्षक" बना रहेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर बढ़ा विवाद दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि समझौते की संभावना अब भी बनी हुई है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी करके इन हमलों की पुष्टि की। बयान में कहा गया कि दो टैंकरों ने चेतावनियों को नजरअंदाज़ किया, अपने नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिए और बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुज़रने की कोशिश की। इसके जवाब में उसने टैंकरों पर हमला किया और उन्हें ध्वस्त कर दिया।

ईरान ने कहा कि "हमलावर दुश्मन के साथ सहयोग" करने से सिर्फ़ पछतावा, नुकसान होगा और जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को खोलने में देरी होगी - साथ ही "दुनिया में ऊर्जा संकट" भी पैदा होगा।

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