नयी दिल्ली , सितंबर 11 -- संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी ड्राईडॉक वर्ल्ड ने कोचीन स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी कर भारत में जहाज मरम्मत के कारोबार में कदम रखा है।
ड्राईडॉक वर्ल्ड यूएई की बहुराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कंपनी डीपी वर्ल्ड की इकाई है और आईएसआरएफ के परिचालन की जिम्मेदारी वही संभालेगी। वहीं, आईएसआरएफ सार्वजनिक क्षेत्र की जहाज निर्माण कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड की इकाई है। दोनों कंपनियों ने यहां एक कार्यक्रम में शुक्रवार रात इस समझौते की घोषणा की। अब आईएसआरएफ कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक वर्ल्ड की संयुक्त उपक्रम वाली कंपनी बन गई है।
ड्राईडॉक वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राडो एंटोलोविक ने कहा कि कोचीन शिपयार्ड के पास स्थानीय जानकारी है जबकि ड्राईडॉक वर्ल्ड के पास वैश्विक विशेषज्ञता और अत्याधुनिक तकनीक है। इस समझौते की नींव पिछले साल इंडिया मेरिटाइम वीक में रखी गई थी जब दोनों कंपनियों ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत आईएसआरएफ के परिचालन की जिम्मेदारी ड्राईडॉक के पास होगी। साथ ही इस सुविधा के विस्तार की भी योजना है।
भारत ने साल 2030 तक दुनिया के शीर्ष 10 जहाज निर्माण वाले देशों में और 2047 तक शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का लक्ष्य रखा है।
यूएई सरकार में आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री ओमरान शराफ अलहाशिमी ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक भागीदारों में रहे हैं। इस समझौते से दोनों देशों के लिए और अवसर खुलेंगे।
बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आज के समझौते के जरिये भारत जहाजरानी में अपने पुराने गौरव को आधुनिक प्रौद्योगिकी और वैश्विक साझेदारी के जरिये फिर से हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत प्ररंभ में हर साल 80 जहाजों की मरम्मत की जाएगी। वर्कस्टेशनों की संख्या 6 से बढ़ा कर 16 की जाएगी।
इससे कोचीन शिपयार्ड को अंतराष्ट्रीय ग्राहक मिलेंगे और उसकी वैश्विक पहुंच बढ़ेगी। साथ ही देश को विदेशी मुद्रा की आमदनी भी होगी।
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