नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटों से अनुशासन तथा समर्पण के साथ देश सेवा का आह्वान करते हुए कहा है कि युवा शक्ति ही सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण करेगी। जनरल द्विवेदी ने बुधवार को यहां दिल्ली छावनी में एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा किया। कैडेटों को संबोधित करते हुए उन्होंने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के कथन का हवाला दिया और युवाओं को "नए भारत का चेहरा" बताया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे सशक्त जनसांख्यिकी शक्ति हैं, जो अनुशासन, उद्देश्य और प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्रीय परिवर्तन का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।

सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कैडेटों के योगदान को भारत की दृढ़ता का प्रतीक बताया। इस अभियान के दौरान देशभर में 75,000 से अधिक एनसीसी कैडेट ने नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, राहत सामग्री वितरण और सामुदायिक सेवा में स्वेच्छा से योगदान दिया। आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कैडेट प्रशिक्षण में शामिल नए उपायों की सराहना की, जिनमें ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत, पुणीत सागर अभियान, एक भारत श्रेष्ठ भारत, एक पेड़ मां के नाम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और स्वच्छ भारत अभियान जैसे राष्ट्रीय अभियानों में भागीदारी शामिल है। उन्होंने बताया कि युवा आपदा मित्र योजना के तहत 28 राज्यों के 315 जिलों में 94,400 कैडेट्स को आपदा तैयारी का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 35,000 से अधिक कैडेट ने देशभर में सेना की इकाइयों और सैन्य अस्पतालों के साथ प्रशिक्षण हासिल किया है।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि एनसीसी सशस्त्र बलों में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है और इस वर्ष 150 से अधिक कैडेट का सैन्य प्रशिक्षण अकादमियों में चयन हुआ है। उन्होंने युवाओं से विचार, तकनीक और चरित्र में आत्मनिर्भर बनने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में सेना शाखा और भारतीय सेना इंटर्नशिप कार्यक्रम 2025-26 जैसी पहलों का उल्लेख किया। कैडेटों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अनुशासन के साथ कदमताल करने और समर्पण के साथ सेवा करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण युवा शक्ति ही करेगी।

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