भोपाल , मार्च 29 -- राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र-6) के तत्वावधान में मध्यप्रदेश विधानसभा में 30 और 31 मार्च को दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायक भाग लेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आज कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे।

तोमर ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर मंथन करना है। इसमें लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इस प्रकार का आयोजन होना गौरव का विषय है।

सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित होंगे, जिनमें पहले दिन तीन और दूसरे दिन दो सत्र रखे गए हैं। इसमें 45 वर्ष से कम आयु के मध्यप्रदेश के 37, राजस्थान के 13 और छत्तीसगढ़ के 13 विधायक शामिल होंगे।

सम्मेलन 30 मार्च को सुबह 9:30 बजे प्रारंभ होगा। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। प्रथम दिवस 'लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने हेतु युवा विधायकों की भूमिका' विषय पर चर्चा होगी, जिसमें माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी संबोधित करेंगे।

दूसरे दिन 31 मार्च को 'विकसित भारत 2047-युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां' विषय पर मंथन किया जाएगा। इस अवसर पर एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड का संबोधन भी होगा।

समापन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश उपस्थित रहेंगे, जबकि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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