हैदराबाद , अक्टूबर 17 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने शनिवार को युवा फिल्म निर्माताओं से जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, जल संकट और ऊर्जा संरक्षण के प्रति जन जागरूकता पैदा करने के लिए सिनेमा को एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने का आह्वान किया।
यहां शिल्पकला वेदिका में आयोजित 'बथुकम्मा यंग फिल्ममेकर चैलेंज अवॉर्ड्स-2026' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लघु फिल्में सामाजिक रूप से प्रासंगिक संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचा सकती हैं और लोगों को जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के बदलते मिजाज, बढ़ते तापमान और सुपर अल नीनो के संभावित प्रभाव आने वाले वर्षों में चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। उन्होंने युवा फिल्म निर्माताओं से पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पानी की बर्बादी रोकने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों, मवेशियों और पक्षियों के लिए पर्याप्त जल संसाधन सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने बिजली की खपत और ऊर्जा संरक्षण के बारे में भी व्यापक जन जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
श्री भट्टी ने कहा कि राज्य सरकार हैदराबाद को तेलुगु फिल्म उद्योग के स्थापित केंद्र से आगे बढ़ाकर भारतीय सिनेमा का एक प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, फिल्म उद्योग मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी और राज्य मंत्रिमंडल राष्ट्रीय फिल्म उद्योग में हैदराबाद की स्थिति को मजबूत करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
देश भर की प्रमुख हस्तियों को आकर्षित करने और उद्योग के विकास के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा व अनुकूल माहौल प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तेलंगाना में प्रचुर रचनात्मक प्रतिभा होने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि सरकार युवा प्रांतीय निर्देशकों, अभिनेताओं, निर्माताओं और अन्य कलाकारों की पहचान करने तथा उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना फिल्म विकास निगम द्वारा यंग फिल्ममेकर चैलेंज आयोजित करने की पहल का उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
बथुकम्मा को तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक न्याय, समानता और एकता का प्रतीक बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्योहार यह दर्शाता है कि कैसे विविध पृष्ठभूमि के लोग एक साथ आते हैं, ठीक वैसे ही जैसे विभिन्न रंगों और सुगंधों के फूल मिलकर बथुकम्मा बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि दो या तीन मिनट की लघु फिल्म के माध्यम से एक प्रभावशाली कहानी कहना काफी रचनात्मकता और कहानी कहने के कौशल की मांग करता है। उन्होंने प्रतिभागियों को पुरस्कार न मिलने पर दिल न छोटा करने की सलाह देते हुए कहा कि पुरस्कार ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं हैं और लगन व निरंतर सुधार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
श्री भट्टी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि लघु फिल्मों, गीतों, लोक गीतों, इन्फ्लुएंसर्स और निबंधों सहित विभिन्न श्रेणियों में 29 पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि वह प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई लघु फिल्मों को देखेंगे और होनहार फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के अवसरों की तलाश करेंगे।
उन्होंने दोहराया कि सरकार युवा कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करने में मदद करने के लिए सहायता प्रदान करेगी।
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