नयी दिल्ली , जून 12 -- ओलम्पिक पदक विजेता मनु भाकर के गुरु, द्रोणाचार्य अवार्डी और जाने-माने पिस्टल निशानेबाज जसपाल राणा के अचानक निधन पर दुःख प्रकट करते हुए पूर्व निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने कहा कि वह युवा पीढ़ी के मार्गदर्शक थे।
भारत के पहले ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज बिंद्रा ने अपने शोक सन्देश में कहा, ''उनके निधन के बारे में सुनकर दिल टूट गया। जसपाल मेरी टीम का साथी था और कई मायनों में उस पीढ़ी का हिस्सा था जिसने भारतीय निशानेबाजी को आकार देने में मदद की। वह प्रखर, प्रतिभाशाली था और जब भी उसने रेंज में कदम रखा, देश का गौरव बढ़ाया।
बिंद्रा ने कहा, ''उनका निधन हमारे खेल के लिए बहुत बड़ी क्षति है।'' उनके परिवार, दोस्तों, छात्रों और उन सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं जिनके जीवन को उन्होंने छुआ।
अपने कोच के निधन की खबर सुनते ही मनु भाकर ने देहरादून में चल रहे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में अपना 25 मी पिस्टल का मुकाबला बीच में ही रोक दिया और अपने कोच के अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली रवाना हो गयीं।
ओलंपियन निशानेबाज ईशा सिंह ने कहा, ''कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी मौजूदगी आपके सफ़र का इतना नैचुरल हिस्सा बन जाती है कि उनके बिना खेल की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है।आज, मैं जसपाल सर के साथ बिताई सालों की यादों, बातचीत और पलों को याद कर रही हूँ। 2018 से उन्हें रेंज के आसपास देखने से लेकर 2025 में कुछ समय के लिए उनके अंडर ट्रेनिंग करने का मौका मिलने तक, उनकी मौजूदगी हमारे खेल में लगातार महसूस होती थी। मज़बूत, जोशीले और भारतीय शूटिंग में गहराई से जुड़े हुए।
सर ऐसे इंसान थे जो हमेशा अपने आस-पास के एथलीटों पर बहुत भरोसा करते थे। मैं हमेशा उन पलों को याद रखूँगी जब उन्होंने मुझे हिम्मत दी, मुझसे कहा कि मैं इस खेल में बड़ी चीज़ों के लिए बनी हूँ और मुश्किल दिनों में भी मुझे सफ़र पर भरोसा करने की याद दिलाई। उन शब्दों का मतलब शायद उनसे कहीं ज़्यादा था जितना उन्हें पता था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित