नयी दिल्ली , फरवरी 25 -- देश के प्रबुद्ध नागरिकों ने यहां भारत मंडपम में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के 'शर्ट हटाकर' प्रदर्शन करने पर चिंता व्यक्त की है और इस घटना को राष्ट्रीय गरिमा के विरुद्ध और वैश्विक मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया है।
प्रबुद्ध नागरिकों के इस समूह ने बयान में समन्वयक के रूप में न्यायमूर्ति एस. एन. धींगरा (पूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय) और बी. एल. वोहरा, आईपीएस (पूर्व डीजीपी, त्रिपुरा एवं डीजी, एसएसबी) के नाम दिए हैं।
बयान में इन नागरिकों ने युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को गलत बताया और कहा "जब विश्व के प्रमुख टेक्नोलॉजी लीडर, वैश्विक सीईओ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत की प्रगति को देखने के लिए उपस्थित थे, उस समय इस प्रकार का प्रदर्शन देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नुकसान पहुंचाने वाला है। इसे एक उच्चस्तरीय कूटनीतिक और तकनीकी मंच का अनुचित उपयोग बताते हुए कहा गया है कि इस तरह की राजनीति राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से अधिक व्यक्तिगत प्रचार को प्राथमिकता देती है।"प्रबुद्ध वरिष्ठ नागरिकों का आरोप है कि यह विरोध स्वतःस्फूर्त न होकर पूर्व नियोजित था। इसमें बयान में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने वैध प्रतिभागी के रूप में क्यूआर कोड के जरिए अत्यंत सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय बैठक स्थल में प्रवेश किया और बाद में कपड़े उतारकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया, जो सुरक्षा और शिष्टाचार का उल्लंघन है।
प्रबुद्ध नागरिकों ने युवा कांग्रेस के इस प्रदर्शन को 'राष्ट्र-विरोधी व्यवधान' करार देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां वैश्विक निवेशकों और साझेदारों के समक्ष अस्थिरता का संदेश देती हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि लोकतांत्रिक विरोध का सबको अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को शर्मिंदा करना उचित नहीं है। राष्ट्रीय मंचों का उपयोग दलगत राजनीति के प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
बयान जारी करने वाले प्रबुद्ध वरिष्ठ नागरिकों में 26 पूर्व न्यायाधीश, 102 पूर्व नौकरशाह तथा सैन्य बलों के 149 पूर्व अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
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