रोहतक , अक्टूबर 25 -- हरियाणा के राज्यपाल एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एट2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ना आवश्यक है। नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती है, जिससे निपटने के लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

राज्यपाल रविवार को एमडीयू रोहतक में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) सेल की ओर से आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का इस्तेमाल राष्ट्र के विकास में होना चाहिए। इसके लिए नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम में हरियाणा की प्रथम महिला एवं राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।

रैली में नेशनल इंटीग्रेशन कैंप में हिस्सा ले रहे नौ राज्यों के 172 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा से आए स्वयंसेवक पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।

एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त वातावरण को जरूरी बताते हुए सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी ने स्वागत भाषण में नेशनल इंटीग्रेशन कैंप की जानकारी दी, जबकि मंच संचालन प्रो. दिव्या मल्हान ने किया।

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