रांची , अगस्त 05 -- झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विगत कई दशकों से आध्यात्मिक जागरण, नैतिक मूल्यों के संवर्धन, मानसिक शांति तथा राजयोग के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

आज लोक भवन, राँची में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राँची द्वारा संचालित "दस करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान" के अंतर्गत आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गंगवार ने कहा कि नशा केवल किसी व्यक्ति की आदत नहीं, बल्कि उसके स्वास्थ्य, परिवार, सामाजिक जीवन एवं भविष्य पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गंभीर सामाजिक समस्या है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं को नशे एवं ड्रग्स जैसी घातक प्रवृत्तियों से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

श्री गंगवार ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में संस्थान द्वारा संचालित "दस करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान" अत्यंत सराहनीय एवं समयानुकूल पहल है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति संयम, आत्मानुशासन एवं सात्विक जीवन का संदेश देती है। जब व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण स्थापित करता है, तब वह किसी भी प्रकार के व्यसन से स्वयं को मुक्त रख सकता है। उन्होंने कहा कि ध्यान, योग एवं सकारात्मक चिंतन व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करते हैं और स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

श्री गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान' का शुभारंभ करते हुए नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हमारा युवा तन से स्वस्थ, मन से सशक्त, आत्मविश्वास से परिपूर्ण तथा नशे एवं ड्रग्स जैसी घातक प्रवृत्तियों से पूर्णतः दूर रहे।

श्री गंगवार ने कहा कि नशामुक्ति केवल सरकार अथवा किसी एक संस्था का अभियान नहीं हो सकता। इसमें परिवार, विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, सामाजिक संगठन, धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाएँ, मीडिया तथा समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को नशे एवं ड्रग्स के दुष्परिणामों के प्रति नियमित रूप से जागरूक करें तथा अपने परिसरों में नशामुक्ति को जन-आंदोलन का स्वरूप दें।

उक्त अवसर पर राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, डीन छात्र कल्याण, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनें, लोक भवन के अधिकारीगण एवं कर्मीगण उपस्थित थे।

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