अलवर , जनवरी 20 -- राजस्थान में कोटपूतली बहरोड जिले में पुलिस ने कंबोडिया में चल रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बानसूर क्षेत्र से एक दलाल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर बानसूर के रामनगर निवासी दलाल सुरेश सेन को गिरफ्तारकिया। यह दलाल नौकरी का झांसा देकर बानसूर क्षेत्र से ही 50 से अधिक युवाओं को विदेश भेज चुका है। यह अब तक फर्जी पासपोर्ट और वीजा के जरिए सैकड़ों युवाओं को कंबोडिया भेज चुका है। उसके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संबंधों की भी जांच की जा रही है और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
श्री बिश्नोई ने बताया कि ऑपरेशन साइबर मुक्ति के तहत चलाये गये अभियान के दौरान कोटपुतली बहरोड जिला साइबर सेल एवं अन्य जांच एजेंसियों से सूचना मिली कि कोटपूतली बहरोड जिले में बड़ी संख्या में युवाओं को कंबोडिया और अन्य देशों में संचालित चीनी साइबर कंपनी में भेजा जा रहा है। पुलिस ने बानसूर के कस्बा बानसूर, रामनगर, गुता, बूचियावास, मोठुका, फतेहपुर, संथालपुर, लेकड़ी, आलमपुर ,बाबरिया, सहित कई क्षेत्रों में दबिश देकर 41 लोगों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में सामने आया कि बानसूर , कोटकासिम और मुंडावर से बड़ी संख्या में लोग कंबोडिया जाकर साइबर ठगी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि जिले के और रामनगर बानसूर निवासी सक्रिय दलाल सुरेश सेन विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं को विदेश भेज रहा है। यह साइबर ठगी के लिए वियतनाम, थाईलैंड, म्यांमार और अन्य देशों के रास्ते कंबोडिया भेजता है। सुरेश सेन अब तक बानसूर थाना क्षेत्र से 50 से अधिक युवाओं को कंबोडिया भेज चुका है। यही उनके पासपोर्ट वगैरह बनवाता था, इसके लिये एक मुश्त राशि ली जाती थी। उन युवाओं को यह पता नहीं होता कि उनसे साइबर ठगी कराई जाएगी।
श्री विश्नोई ने बताया कि यहां के युवाओं को कंबोडिया में चीनी कंपनी की ओर से संचालित जिन कॉल सेंटर में पदस्थ किया जाता है, उनके पास ही भारतीय नागरिकों का डाटा होने की बात सामने भी आयी है। इसी डाटा के आधार पर विदेश के अलग-अलग स्थान पर हो रहे भारतीयों को निशाना बनाते हैं। कॉल सेंटर से फोन करने वाले खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), पुलिस अधिकारी, प्रवर्तन निदेशालय, कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट, फ्रॉड लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी जैसे गंभीर साइबर अपराधों को अंजाम देते हैं। इस पूरे नेटवर्क को कंबोडिया में स्थानीय स्तर पर संरक्षण में सहयोग मिलने की बात भी सामने आयी है।
पुलिस ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, वह पहले भी साइबर मामले में लखनऊ ईस्ट साइबर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी के अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई तहत कोटपूतली जिले के अलावा खैरथल तिजारा जिले के पीपली ,मुंडावर , कोटकासिम क्षेत्र में भी दबिश दी गयी।
श्री बिश्नोई ने बताया कि अच्छी नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने वाले युवाओं को वहां चीनी साइबर कंपनियों की ओर से 15 दिन तक साइबर ठगी का प्रशिक्षण दिया जाता था। इसके बाद उन्हें एक हजार अमरीकी डॉलर प्रति महीने और बड़ी ठगी की वारदात पर अतिरिक्त बोनस का लालच दिया जाता था। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वहां नेपाल, भारत, पाकिस्तान और बंगलादेश के करीब 1500 लोग साइबर ठगी के कार्य में लिप्त थे।
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