प्रयागराज , सितंबर 27 -- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं का रद्द होना युवाओं के सामने बड़ी समस्या है और इसके समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर युवा आयोग का गठन किया जाना चाहिए।
श्री पासवान यहां परेड मैदान में आयोजित ''यूथ बोले तो'' कार्यक्रम में युवाओं से संवाद कर रहे थे। उन्होंने युवाओं के बीच पहुंचकर कहा कि वह केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि उनका बड़ा भाई बनकर उनके बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलता है तो उनमें आक्रोश बढ़ता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ज्वालामुखी तब फटता है, जब ज्वलनशील पदार्थ को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलता। इसी तरह युवाओं को भी अपनी बात रखने के लिए मंच मिलना चाहिए और इसी उद्देश्य से ''यूथ बोले तो'' कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
चिराग पासवान ने कहा कि संवाद के जरिए ही समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। युवाओं की शिकायतों, आक्रोश और सुझावों को सुना जाएगा तथा डिजिटल माध्यमों से भी उनकी आवाज को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में युवा आयोग का गठन किया गया है। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश और देश में भी युवा आयोग का गठन होना चाहिए। जब देश में बाल आयोग और महिला आयोग जैसे विभिन्न आयोग हैं तो युवाओं के लिए भी राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल यूथ कमीशन बनाया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका प्रयास जाति और धर्म से ऊपर उठकर युवाओं को एक मंच उपलब्ध कराने का है, जहां वे खुलकर अपनी बात रख सकें। उन्होंने कहा कि ''यूथ बोले तो'' कार्यक्रम युवाओं की आवाज को सामने लाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सदन में भी उठाया है। परीक्षा रद्द होने की स्थिति में अभ्यर्थियों के आने-जाने और ठहरने का खर्च परीक्षा कराने वाली संस्था द्वारा वहन किए जाने की मांग भी रखी गई है।
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