नयी दिल्ली , अगस्त 19 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने युवाओं के भविष्य, राम मंदिर के चढ़ावे और देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार से जवाब मांगते हुए कहा है कि इन तीनों मोर्चों पर सरकार को देश के सामने अपनी जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।
श्री खरगे ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति की बैठक की शुरुआत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार नहीं मिल रहा है, राम मंदिर के चंदे और दान का हिसाब जनता को नहीं बताया जा रहा तथा चीन से लगी सीमा की स्थिति पर भी सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने के साथ देश के सामने विकल्प, नीति और समाधान भी रखना होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में शिक्षा महंगी होती जा रही है और हाल के वर्षों में 94 हजार स्कूल बंद हो गए हैं। उच्च शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है तथा पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवाओं को पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और नियुक्तियों में देरी का सामना करना पड़ रहा है और इसका सबसे अधिक असर गरीब और कमजोर वर्ग के युवाओं पर पड़ रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का स्मरण करते हुए श्री खरगे ने कहा कि उन्होंने युवाओं को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा। उन्होंने मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने, हर जिले में नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क खड़ा करने तथा शिक्षा में रोजगार और कौशल विकास को जोड़ने जैसे कदमों का उल्लेख किया और कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और संचार क्रांति तथा शिक्षा के अधिकार से लेकर शिक्षा संस्थानों के निर्माण और विकास तक कांग्रेस की सरकारों की महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में आज मोदी सरकार के खिलाफ जो रोष है, वह अचानक पैदा नहीं हुआ है। सरकार ने उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय अस्थायी उपायों से उन्हें टालने का प्रयास किया, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। कांग्रेस ने युवाओं की समस्याओं को अपने एजेंडे में शामिल किया है और राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर उठायी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को युवाओं के लिए स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध 'शिक्षा से रोजगार' योजना तैयार करनी चाहिए।
राम मंदिर के मुद्दे पर श्री खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी और आम लोगों ने भरोसा करके मंदिर के लिए चंदा, सोना-चांदी तथा अन्य सामग्री दी। उन्होंने सवाल किया कि ट्रस्ट को कितना चढ़ावा मिला और उसका लेखा-जोखा क्या है। उन्होंने कहा कि केवल कुछ लोगों को जेल भेजने से मामला खत्म नहीं होगा और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
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