अमृतसर , मार्च 19 -- गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू), अमृतसर में गुरुवार को 'गल पंजाब दी' बैनर के तले एक विशाल समागम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

अखिल भारतीय सिख छात्र संघ (एआइएसएसएफ) के पूर्व अध्यक्ष और शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीवित) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसान, मजदूर और विद्यार्थी किसी भी देश की नींव होते हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब का किसान आज बेहद निराशा के दौर से गुजर रहा है। बेरोजगारी के कारण उनके बच्चों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं और मंडियों में उनकी फसलें रुल रही हैं। सरकारों को विज्ञापनों और बहानों के बजाय रोजगार देने के ठोस प्रयास करने चाहिए।"श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने 'गल पंजाब दी' अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पंजाबी दिलदार होते हैं और अपने हक के लिए संघर्ष करना जानते हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों (जीएनडीयू, आईआईटी रोपड़) से अपील की कि वे छात्रों को केवल किताबी ज्ञान न देकर हुनरमंद बनाने पर ध्यान दें। उन्होंने पंजाब में एक विशेष 'स्किल यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की मांग की।

करतार आसरा ट्रस्ट की चेयरपर्सन चरनकमल कौर ने कहा कि सिख इतिहास में महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में महिलाएं पंजाब को नई दिशा दे सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और इस मुहिम का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ राजीव आहूजा ने जानकारी दी कि आईआईटी रोपड़ किसानों को नयी तकनीक से जोड़ने के लिए आधुनिक उपकरण तैयार कर रहा है, जो जल्द ही हर ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्होंने बताया कि छात्रों को पीएचडी के लिए थ्योरी के बजाय व्यावहारिक अनुभव के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कुलपति डॉ करमजीत सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी पंजाबी मातृभाषा के प्रति पूरी तरह गंभीर है और हर विषय में पंजाबी को सम्मान देने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं।

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