जालंधर , जुलाई 24 -- सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियंस (सीटीयू) पंजाब ने दिल्ली में युवाओं और विद्यार्थियों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई तथा पंजाब के विभिन्न जिलों में आंदोलनरत कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए संघर्षरत कर्मचारियों और युवाओं के समर्थन का आह्वान किया है।
संगठन ने 11 अगस्त को पूरे पंजाब में जिला श्रम अधिकारी कार्यालयों के बाहर रोष धरने आयोजित करने की घोषणा भी की है।
सीटीयू पंजाब के अध्यक्ष कामरेड जगदीश चंद्र लुधियाना और महासचिव कामरेड हरिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार के निर्देशों पर पुलिस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ताओं द्वारा युवाओं एवं विद्यार्थियों के साथ कथित मारपीट तथा पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान पटियाला, बरनाला और लुधियाना में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई सेवकों, ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों, बिजली विभाग, सुविधा केंद्र, मनरेगा और अन्य विभागों के कर्मचारियों पर किये गये लाठीचार्ज की वे कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने सभी युवाओं, विद्यार्थियों, ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों, स्कीम वर्करों और आम जनता से इन आंदोलनों का समर्थन करने और संघर्षरत कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की।
सीटीयू नेताओं ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें राज्य के निर्माण मजदूरों के कल्याण के लिए एकत्रित धनराशि को किसी अन्य सरकारी योजना में इस्तेमाल करने पर रोक लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि शहीद ऊधम सिंह सुनाम को समर्पित 'भाईचारा मजबूत करो' अभियान के तहत 31 जुलाई से एक सप्ताह तक पूरे पंजाब में बैठकें और रैलियां आयोजित की जाएंगी। इसके बाद निर्माण मजदूरों की मांगों को लेकर 11 अगस्त 2026 को सीटीयू पंजाब की अगुवाई में राज्य के सभी जिला श्रम अधिकारी कार्यालयों के बाहर रोष प्रदर्शन किये जाएंगे।
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