इम्फाल , जुलाई 15 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को यहाँ एक कोचिंग संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मणिपुर लोक सेवा आयोग (एमपीएससी 2022) के सफल उम्मीदवारों को सम्मानित किया।
श्री सिंह ने सफल उम्मीदवारों से पूछा कि क्या उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर कोई संदेह है। इस पर सफल उम्मीदवारों ने एक सुर में 'नहीं' में जवाब दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले आयोग के अध्यक्ष से जानबूझकर संपर्क करने या मिलने से परहेज किया। श्री सिंह ने कहा कि उन्होंने नतीजे आने के बाद ही अध्यक्ष को बधाई दी, क्योंकि वह चाहते थे कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त रहे।
परिणाम पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री सिंह ने कहा कि सरकार को इस बात की खुशी है कि चुने गए उम्मीदवारों ने अपनी योग्यता के दम पर यह सफलता हासिल की है और उनकी छवि साफ-सुथरी है। उन्होंने यह भी कहा कि एक पारदर्शी भर्ती प्रणाली शासन और संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने प्रशासनिक सेवाओं के लिए 'मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना' लागू की है, जिसके लिए सालाना 2.8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत शीर्ष 200 उम्मीदवारों को उनकी तैयारी के लिए पूरी छात्रवृत्ति मिलेगी, जो प्रतिभाशाली युवाओं को सार्वजनिक सेवा में आने के लिए प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी आरके निमाई सिंह ने भी सफल उम्मीदवारों को बधाई दी और उनसे अपने पूरे करियर में ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण बनाए रखने का आग्रह किया। पूर्व अधिकारी ने उन्हें भ्रष्टाचार, नशीली दवाओं के सेवन और अन्य अनैतिक कार्यों से दूर रहने की सलाह दी जो प्रशासनिक सेवा की छवि को धूमिल कर सकते हैं।
श्री निमाई सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से चुने गए अधिकारी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि उनके पास मणिपुर की जरूरतों और आकांक्षाओं की गहरी समझ होती है।
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