देहरादून , जुलाई 19 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने रविवार को यहां कहा कि आने वाले समय में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि नैरेटिव, विचारों और सूचना के क्षेत्र में भी लड़े जाएंगे। इसलिए युवाओं को सत्य, शोध और तथ्यों पर आधारित सशक्त राष्ट्रीय नैरेटिव का निर्माण करना होगा। हमारे पास विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और यही 'अमृत पीढ़ी' वर्ष 2047 के विकसित भारत और विश्वगुरु भारत के संकल्प को साकार करेगी।

वह लेखक गाँव, थानो देहरादून में इण्डिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित '15वीं यंग थिंकर्स मीट' के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 'वार एण्ड नैरेटिव्स' विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल सूचना का उपभोक्ता नहीं, बल्कि विचारों का निर्माता और समाज का मार्गदर्शक है। एक सच्चा थिंकर और शोधकर्ता वही है जो वर्तमान से आगे बढ़कर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर विचार करे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, मेटावर्स, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में दक्षता प्राप्त कर भारत को ज्ञान, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में योगदान दें।

उन्होंने देश भर से आए युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज उन्हें देश के श्रेष्ठ युवा विचारकों से चर्चा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रतिभागी करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधि है, इसलिए उनके कंधों पर राष्ट्र के भविष्य के निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा ही राष्ट्र के वैचारिक भविष्य के निर्माता हैं।

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