भोपाल , जून 22 -- मध्य प्रदेश के किसान सिर्फ मानसून के देर से आने से ही परेशान नहीं हैं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डॉ. मोहन यादव सरकार की कालाबाज़रियों और नकली खाद, बीज के कारोबारियों से भी परेशान हैं l यह लूट बड़े पैमाने पर की जा रही है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने सोमवार को कहा है कि खरीफ की फसल की बोवनी नजदीक आते ही किसानों की धडकने तेज हो रही हैं, मगर अमरीका - ईरान युद्ध का बहाना बनाकर भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने डीएपी और अन्य खादों की व्यवस्था करने से पल्ला झाड़ लिया है। उधर नकली खाद कारोबार तेजी से फ़ैल रहा है और किसानों को लूटा जा रहा है lमाकपा नेता ने कहा है कि प्रदेश सरकार के किसान विरोधी नीतियों का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अभी तक सरकार के पास खरीफ की फसल को लेकर कोई योजना ही नहीं है l इसलिए सरकार या कृषि विभाग यह बताने की स्थिति में ही नहीं है कि खरीफ की फसल के लिए कुल कितने रकबे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और किस फसल के लिए कितने रकबे में बोवाई का लक्ष्य है lश्री सिंह ने कहा है कि जब फसल का ही लक्ष्य निर्धारित नहीं है, तब इसके लिए कौन कौन सी और कितनी कितनी खाद चाहिए, इसकी जानकारी भी सरकार को नहीं है lमाकपा नेता ने कहा है कि यही वजह है कि सरकार के पास खाद और बीज को लेकर न कोई योजना है और न ही संकट से निबटने का कोई योजना है l लिहाजा किसान बुरी तरह से लूटे जा रहे हैं। बाजार में यूरिया, डीएपी, एनपीके से मिलते जुलते नामों से नकली खाद किसानों को कालाबाजारी में मिल रही है lमाकपा ने किसानों की लूट रोकने, नकली खाद के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और किसानों को समुचित खाद, बीज उपलब्ध करवाने की मांग की है ।
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