यवतमाल , जुलाई 15 -- यवतमाल में छात्रों ने बुधवार को शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिवसीय प्रतीकात्मक भूख हड़ताल की, जो नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले आयोजित यह विरोध प्रदर्शन संविधान चौक पर किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और एक निष्पक्ष, पारदर्शी तथा भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली की वकालत की।

उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार परीक्षा के पेपर लीक होने और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के विश्वास को तोड़ा है और इस मामले में उन्होंने केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की।

जंतर-मंतर पर श्री वांगचुक के चल रहे अनशन का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने इस आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की और कहा कि इसका उद्देश्य देश भर के छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है।

आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि वे तब तक अपना अभियान जारी रखेंगे, जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती और उन्होंने छात्रों व नागरिकों से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, योग्यता और जवाबदेही के समर्थन में इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित