नयी दिल्ली , मई 11 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर यमुना बाजार घाट क्षेत्र में पीढ़ियों से रह रहे परिवारों को बेदखल किए जाने से बचाने और उनकी आजीविका की रक्षा करने की अपील की है।
श्री यादव ने अपने पत्र में लिखा कि निगम बोध घाट के पास यमुना बाजार क्षेत्र में रहने वाले करीब 310 परिवारों को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा घर खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस देना अमानवीय और अवैध है। ये परिवार अंग्रेजों के समय से यमुना घाटों पर रह रहे हैं और धार्मिक परंपराओं से जुड़े कार्यों के जरिए अपनी आजीविका चलाते हैं। इनमें अंतिम संस्कार संबंधी कार्य करने वाले पंडे और घाटों से जुड़े अन्य परिवार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी औपचारिक सर्वेक्षण के इन लोगों को हटाने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार और पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने यमुना सफाई और मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन प्रदूषण की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता सरकार यमुना घाटों के सौंदर्यकरण के नाम पर गरीब परिवारों को उजाड़ना चाहती है।
श्री यादव ने उपराज्यपाल से मांग की कि नियमों में उचित संशोधन कर यमुना घाटों पर पीढ़ियों से रह रहे परिवारों को वहीं रहने कीअनुमति दी जाए, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।
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