मथुरा , जनवरी 13 -- प्रख्यात कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या पर गुस्से का इजहार करते हुये कहा कि हिन्दुओं की रक्षा के लिये बोलना,चंदन लगाना और मंदिरो को बचाने की गुहार करने को नफरती बयानबाजी कहा जाता है, तो उन्हे ऐसे बयान देने पर कोई पछतावा नहीं है।

ठाकुर ने पड़ोसी मुल्क में पिछले 25 दिनों के दौरान आठ हिंदुओं की नृशंस हत्या पर तीखा और भावुक बयान दिया है। उन्होंने न केवल हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि उन लोगों पर भी जमकर निशाना साधा जो उन्हें 'नफरती' बताते हैं। महाराज ने कटाक्ष करते हुए कहा, "आप लोग मुझे 'नफरत का चंदन देवकीनंदन' कहते हैं। अगर तिलक की बात करना, अपने बच्चों और मंदिरों को बचाने की गुहार लगाना नफरत है, तो हाँ, हम नफरत फैला रहे हैं।" उन्होंने सवाल किया कि जो लोग हिंदुओं को जिंदा जला रहे हैं, गोलियां मार रहे हैं और हमारी बेटियों के साथ दरिंदगी कर रहे हैं, क्या वे 'शांति का संदेश' दे रहे हैं।

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