ग्वालियर , अक्टूबर 04 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जीआरपी पुलिस ने रविवार को मानव तस्करी के आरोप में म्यांमार के दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार युवतियों को छुड़ाया है। इनमें दो नाबालिग हैं। प्रारंभिक पूछताछ में युवतियों को बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत लाए जाने और कश्मीर में शादी कराने के लिए ले जाए जाने की बात सामने आई है।

जीआरपी पुलिस को भोपाल से सूचना मिली थी कि स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12643) के सामान्य श्रेणी के कोच में म्यांमार का एक संदिग्ध युवक युवतियों की तस्करी कर रहा है। थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह तोमर ने टीम के साथ ट्रेन में जांच की, जहां म्यांमार निवासी मुबीन (25) को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी म्यांमार निवासी मोहम्मद हसन (35) कुछ युवतियों के साथ अलीगढ़ में है।

इसके बाद जीआरपी ने अलीगढ़ में दबिश देकर मोहम्मद हसन के कब्जे से चारों युवतियों को छुड़ाया और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद युवतियों में दो नाबालिग हैं। युवतियों को केवल रोहिंग्या और स्थानीय भाषा आने के कारण पूछताछ में परेशानी हुई। पुलिस ने गूगल ट्रांसलेटर और दुभाषिए की मदद से उनसे बातचीत की।

जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि सभी युवतियां बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थीं। उन्होंने बताया कि वे पहाड़, जंगल और नदी के रास्तों से भारत में प्रवेश करते थे। पुलिस को ट्रेन में एक व्यक्ति के युवतियों के साथ जाने की सूचना मिली थी।

जांच के दौरान वह व्यक्ति मिल गया, लेकिन युवतियां उसके साथ नहीं थीं। बाद में उसके साथी को पकड़ा गया, जिसके साथ चारों युवतियां मिलीं। पुलिस को आरोपियों के पास से संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) का एक कार्ड भी मिला है।

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