सीतापुर , मार्च 28 -- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण सरसों और गेहूं की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
बारिश के चलते खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल भीग गई, जबकि पकने की स्थिति में पहुंच चुकी गेहूं की फसल तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर जमीन पर गिर गई। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
उपनिदेशक कृषि श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि जिले में लगभग सवा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की गई है, जबकि सरसों की बुवाई भी बड़े पैमाने पर हुई थी। सरसों की कटाई तेजी से चल रही थी और गेहूं की फसल पकने के अंतिम चरण में थी, तभी मौसम ने करवट ले ली।
कटिया कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दयाशंकर के अनुसार, बारिश से भीगी सरसों की फलियां सूखने पर आपस में चिपक जाती हैं, जिससे दाने गिरकर खराब हो जाते हैं। वहीं, तेज हवा से गिरे गेहूं में दोबारा नमी आने पर अंकुरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे उपज की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित होंगी।
किसानों ने बताया कि कटाई के बाद खेतों में पड़ी सरसों के भीगने से नुकसान तय है। ऐसे में उन्हें अपनी फसलों की लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।
उपनिदेशक कृषि ने बताया कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें बीमा कंपनियों के माध्यम से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
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