कपूरथला , मई 09 -- पंजाब बागवानी विभाग के उप निदेशक डॉ. दलजीत सिंह गिल ने शनिवार को किसानों से अपील की है कि मौजूदा मौसम परिवर्तन को देखते हुए खरबूजा और तरबूज (हदवाणा) की फसल की विशेष देखभाल की जाये।

डॉ गिल ने बताया कि जिले में फिलहाल फसल की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन कुछ स्थानों पर पीले धब्बे और ब्लाइट जैसी बीमारियों का खतरा देखा गया है। इससे बचाव के लिए किसानों को 300 से 600 ग्राम इंडोफिल एम-45 या कवच दवा को 100 से 200 लीटर पानी में घोलकर एक सप्ताह के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि बीमारी का असर अधिक हो, तो 500 ग्राम रिडोमिल एम-जेड या 600 ग्राम एलिएट प्रति एकड़ के हिसाब से 10 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव किया जाये। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिडोमिल का प्रयोग एम-45 की स्प्रे के बाद तीसरे या चौथे नंबर पर किया जाना चाहिए और इसका इस्तेमाल फसल की शुरुआत या अंत में नहीं करना चाहिए। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसल में अधिक पानी न लगाया जाए और पके हुए फलों की तुड़ाई में देरी न करें। यदि खेत में फलों के फटने (क्रैकिंग) की समस्या दिखाई दे, तो एक ग्राम बोरेन प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे किया जा सकता है।

डॉ. गिल ने कहा कि समय पर देखभाल और वैज्ञानिक सलाह अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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