पुणे , अक्टूबर 04 -- केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने रविवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से आंदोलन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उनकी चिंताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

श्री मोहोल ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने एस.एम. जोशी पुल, अलका चौक और शास्त्री रोड पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से बात की है और पुणे से बाहर रहने के बावजूद घटनाक्रम पर नजर रखी। उन्होंने कहा कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और करीब तीन घंटे तक चर्चा की। इस दौरान उनकी अधिकांश मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार किया गया।

एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह पद संवैधानिक पद है और राज्य सरकार के सीधे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि न्यायिक जांच तीन महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी और उसकी रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्री मोहोल ने कहा कि सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि उनसे बार-बार दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे और प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक परीक्षाओं से जुड़ा मुद्दा भी राधाकृष्णन समिति के समक्ष रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा कथित तौर पर संतोष जताए जाने के बावजूद आंदोलन जारी क्यों है। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता रोहित पवार से भी आग्रह किया कि वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ आगे की चर्चा करें।

छात्रों से अपील करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि उनके करियर और भविष्य से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है और उनसे आग्रह किया कि वे संवाद के जरिए अपनी मांगों को आगे भी उठाते रहें।

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