चंडीगढ़ , अगस्त 19 -- पंजाब को तकनीक आधारित उद्यमिता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इसके तहत मोहाली स्थित एसटीपीआई में 'स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0' स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा की मौजूदगी में बुधवार को उद्योग भवन में समझौते पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक एवं पंजाब स्टार्टअप नोडल अधिकारी जसप्रीत सिंह और एसटीपीआई के निदेशक शैलेंद्र के. त्यागी ने हस्ताक्षर किये।
श्री अरोड़ा ने कहा कि न्यूरॉन 2.0, न्यूरॉन 1.0 की सफलता को आगे बढ़ाएगा। न्यूरॉन 1.0 के तहत 114 स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया गया, 158 उत्पादों और 171 प्रोटोटाइप के विकास में सहयोग दिया गया तथा करीब 2,700 रोजगार पैदा हुए। इन स्टार्टअप्स ने करीब 251 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया और इनका संयुक्त मूल्यांकन लगभग 2,890 करोड़ रुपये रहा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने परियोजना के लिए सैद्धांतिक रूप से 12 करोड़ रुपये की सहायता देने की मंजूरी दी है, जबकि एसटीपीआई की ओर से 17 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। इस पहल के तहत अगले पांच वर्षों में कम से कम 50 स्टार्टअप्स को विकसित करने और उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 2,000 पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पात्र स्टार्टअप्स को स्टार्टअप पंजाब के साथ पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे राज्य की स्टार्टअप नीति के तहत उपलब्ध सुविधाओं और लाभों का लाभ उठा सकें। न्यूरॉन 2.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ऑडियो-विजुअल ग्राफिक्स के साथ साइबर सुरक्षा को भी प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक समर्पित साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जो उत्पाद विकास और प्रयोगों के लिए स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करेगी।
श्री अरोड़ा ने कहा कि यह केंद्र स्टार्टअप इनक्यूबेशन, मेंटरिंग, आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, उत्पादों के व्यावसायीकरण और उद्योग से जुड़ाव के लिए एक व्यापक नवाचार मंच के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई केंद्र का संचालन एवं प्रबंधन करेगा, साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला का रखरखाव करेगा तथा आउटरीच कार्यक्रम, हैकाथॉन, बूटकैंप और निवेशक-कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित करेगा। कौशल विकास के तहत फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और विशेषज्ञ स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
स्टार्टअप पंजाब स्टार्टअप्स तक पहुंच, मेंटरिंग और इकोसिस्टम विकास में सहयोग करेगा तथा हब को सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग संगठनों से जोड़ने का काम करेगा। प्रशिक्षण के अवसर सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तथा कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
श्री अरोड़ा ने कहा कि एसटीपीआई के साथ यह साझेदारी पंजाब सरकार की उभरती तकनीकों के माध्यम से आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साइबर सुरक्षा को नये केंद्र के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल करने से राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं को भविष्य की तकनीकी नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
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