मोहाली , जुलाई 10 -- पंजाब के मोहाली में बिना आवश्यक अनुमति दवाइयों के वितरण के कथित मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समाजसेवी परमिंदर कुमार भट्टी ने आरोप लगाया है कि हैदराबाद के एक निजी अस्पताल से जुड़ी टीम उत्तर प्रदेश नंबर की एंबुलेंस के माध्यम से प्रवासी और दिहाड़ी मजदूरों को विभिन्न स्थानों पर बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के दवाइयां बांट रही थी।
श्री भट्टी ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि दवाइयां देने से पहले लोगों की चिकित्सकीय जांच नहीं की जा रही थी और उनका व्यक्तिगत डेटा भी एकत्र किया जा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह अभियान सरकारी अनुमति से चल रहा था, तो इसकी जानकारी सिविल सर्जन और संबंधित एसएमओ को क्यों नहीं थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, ड्रग विभाग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
खरड़ की एसएमओ डॉ सरिता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गयी। उनके अनुसार एंबुलेंस में मौजूद मेडिकल स्टाफ योग्य था, लेकिन उनके पास सिविल सर्जन की आवश्यक अनुमति नहीं थी। चूंकि मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था, इसलिए इसे संबंधित सक्षम अधिकारी को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
समाजसेवी परमिंदर कुमार भट्टी ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उपायुक्त से की है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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