रामनगर , फरवरी 22 -- उत्तराखंड में रामनगर वन प्रभाग एवं अल्मोड़ा जिले के निकट मोहान कोसी तट पर लगभग आठ से दस ऊदबिलावों का जमावड़ा देखा गया।
आमतौर पर इस क्षेत्र में ऊदबिलाव छोटे समूहों या जोड़ों में दिखाई देते हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ उनकी मौजूदगी ने वन्यजीव प्रेमियों, शोधकर्ताओं और संरक्षणवादियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
यह दृश्य न केवल रोमांचक था, बल्कि पारिस्थितिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऊदबिलाव नदी किनारे सक्रिय रूप से तैरते, खेलते और आपसी संपर्क करते हुए नजर आए, जो उनके प्राकृतिक और निर्बाध व्यवहार को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े समूह का एक साथ दिखाई देना इस बात का संकेत है कि मोहान क्षेत्र का नदी तंत्र वर्तमान में स्वस्थ, संतुलित और जैविक रूप से समृद्ध हो रहा है।
इस असाधारण क्षण को प्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर दीपांकर खुल्बे ने अपने कैमरे में कैद किया। उनके द्वारा ली गई तस्वीरों में ऊदबिलावों का समूह नदी के एक हिस्से में समन्वित गतिविधियों में संलग्न दिखाई देता है, जो इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि और प्राकृतिक सौंदर्य को उजागर करता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऊदबिलाव सामाजिक और संवेदनशील स्तनधारी जीव होते हैं, जो स्वच्छ जल स्रोत, पर्याप्त मछली संसाधन और सुरक्षित आवास पर निर्भर रहते हैं। उनकी उपस्थिति किसी भी नदी पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का मजबूत संकेतक मानी जाती है। यदि किसी क्षेत्र में ऊदबिलावों की संख्या स्थिर या बढ़ती हुई दिखाई देती है, तो यह बेहतर जल गुणवत्ता, कम प्रदूषण, पर्याप्त भोजन और सीमित मानवीय हस्तक्षेप का स्पष्ट संकेत होता है।
मोहान क्षेत्र में इस प्रकार का बड़ा जमावड़ा यह दर्शाता है कि यहां की नदी और आसपास का प्राकृतिक आवास अभी भी जैव विविधता के लिए अनुकूल बना हुआ है। हिमालय की तराई के संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्र में इस तरह की सकारात्मक गतिविधियां संरक्षण प्रयासों की सफलता की ओर भी इशारा करती हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित