चेन्नई , अक्टूबर 08 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को चेन्नई में 'जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल' के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे।
इस मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और स्कूली शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन समेत कई गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
चेन्नई ट्रेड सेंटर में होने वाली इस खास 50वीं सालगिरह के जश्न में छात्र, माता-पिता, शिक्षक, पूर्व छात्र और शुभचिंतक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। चेन्नई में एक भव्य समारोह के साथ इसकी गोल्डन जुबली यानी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम, मूल्यों और समाज की सेवा के 50 साल का जश्न मनाया जाएगा।
स्कूल की ओर से आज जारी एक बयान में कहा गया कि श्री मोदी द्वारा हमारे निमंत्रण को स्वीकार करने का मुख्य कारण उनका 'मन की बात' कार्यक्रम है, जिसने हमारे स्कूल का ध्यान खींचा और हमें उस संदेश का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद, देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत स्कूल समुदाय ने 10,000 छात्रों, 600 शिक्षकों और 250 गैर-शिक्षण कर्मचारियों से 365 दिनों तक हर दिन एक रुपया इकट्ठा किया। नागरकोइल में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में यह राशि सेना के जवानों को सौंपी गई।
उल्लेखनीय है कि स्कूल की सिल्वर जुबली (रजत जयंती) समारोह के दौरान, तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी मुख्य अतिथि थे।
इस समारोह में लगभग 4,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें विश्व हिंदू विद्या केंद्र के तहत आने वाले 15 स्कूलों के छात्र और उनके माता-पिता शामिल होंगे। यह संस्थान के व्यापक शैक्षिक समुदाय का एक महत्वपूर्ण जमावड़ा होगा।स्कूल की स्वर्ण जयंती उसके पांच दशकों के उस सफ़र का प्रतीक है जिसमें उसने अकादमी उत्कृष्टता, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और सर्वांगीण शिक्षा के मेल से छात्रों की कई पीढ़ियों को संवारा है। स्कूल का आदर्श वाक्य है 'सा विद्या या विमुक्तये', जिसका अर्थ है "सच्चा ज्ञान वही है जो मुक्ति दिलाए" और जिसका उद्देश्य छात्रों को समाज के लिए एक उपयोगी व्यक्ति बनाना है।
समय के साथ, यह संस्थान शिक्षा की बदलती ज़रूरतों के अनुसार विकसित हुआ है और चरित्र, ज्ञान तथा ज़िम्मेदार नागरिकता पर भी ज़ोर देता रहा है। लगभग 50 साल का यह पड़ाव उन पूर्व छात्रों, शिक्षकों, कर्मियों अभिभावकों और व्यापक स्कूल समुदाय के अहम योगदान को सराहने का भी मौका है, जिन्होंने संस्थान की तरक्की और उसकी विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
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