जयपुर , सितंबर 02 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि केन्द्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिलकर देशहित में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इस महंगाई के दौर में एक गरिमापूर्ण जीवनयापन के लिए अविलंब पेंशन राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपए प्रति महीने करनी चाहिए और इसके लाभार्थियों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
श्री गहलोत ने बुधवार को अपने बयान में यह मांग करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2013 में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए 500 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन शुरू की थी। सत्ता परिवर्तन के बाद आयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पांच साल तक इसमें एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की। वर्ष 2018 में कांग्रेस पुनः सत्ता में आयी तो इसे बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह किया गया और वर्ष 2023 में एक हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में कोई भी सरकार इस राशि को स्थिर न रख सके, इसके लिए हमने प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का कानूनी प्रावधान बना दिया। यह पेंशन आज प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों का सहारा बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकारों ने बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देना शुरू किया था, जिसे वर्ष 2013 तक बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिमाह किया गया लेकिन उसके बाद के पूरे 12 वर्षों में मोदी सरकार ने इस केंद्रीय पेंशन राशि में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की, जबकि इस दौरान महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद से लाभार्थियों की संख्या भी नहीं बढ़ायी गयी। संसद की स्थायी समिति ने बार-बार इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए बढ़ोतरी की सिफारिश की, फिर भी मोदी सरकार टस से मस नहीं हुई।
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