भुवनेश्वर , अगस्त 8 -- पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में पद्म पुरस्कार अभिजात्य वर्ग से जुड़े सम्मान से बदलकर सही मायनों में "जन पुरस्कार" बन गये हैं।

संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय के रंगाबती मंच पर आयोजित 'माटीर महक' कार्यक्रम में श्री प्रधान ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान पद्म पुरस्कार विजेताओं के चयन की प्रक्रिया में व्यापक बदलाव आया है।

उन्होंने कहा, "पहले पद्म पुरस्कार पाने के लिए लोगों को दिल्ली के सत्ता के गलियारों तक पहुंच बनानी पड़ती थी। आज सरकार गांवों के उन वास्तविक साधकों की पहचान कर उन्हें सम्मानित कर रही है, जिन्होंने अपना जीवन लोक कला, साहित्य, कृषि, शिक्षा और समाज सेवा को समर्पित कर दिया है।"वह ओडिशा के पद्म पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करने और उनसे बातचीत करने के अवसर पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जन्मे जिन लोगों ने पद्मश्री से सम्मानित होने से पहले अपने समर्पण, प्रतिभा और दृढ़ता के बल पर अपनी एक अलग पहचान बनायी है, वे समाज के लिए जीते-जागते उदाहरण और प्रेरणा हैं।

ओडिया भाषा, साहित्य और समाज में स्वभाव कवि गंगाधर मेहर के अद्वितीय योगदान की चर्चा करते हुए श्री प्रधान ने कोरापुट के कोटिया दौरे का अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से वीर सुरेंद्र साई, कुड़ोपाली संघर्ष के नायकों, बख्शी जगबंधु और पिंडिकी बाहुबलेंद्र जैसे कम चर्चित स्वतंत्रता सेनानियों व ऐतिहासिक हस्तियों की वीरता, बलिदान और योगदान का अध्ययन करने का आग्रह किया।

उन्होंने युवाओं से ओडिशा के पद्म पुरस्कार विजेताओं के समर्पण और उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का भी आह्वान किया। श्री प्रधान ने कहा, "इस तरह के प्रयासों से ही हम विकसित ओडिशा और विकसित भारत की दिशा में अपना मार्ग मजबूत कर सकते हैं।"पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संबलपुर में प्रसिद्ध संस्कृत नाटककार मुरारी मिश्र के नाम पर कला महाविद्यालय स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आकांक्षा बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित संस्थान अंततः नृत्य, साहित्य, प्रदर्शन कला, आधुनिक डिजिटल कला और अन्य संबद्ध कला रूपों में शिक्षा व प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

इस अवसर पर प्रधान ने पश्चिमी ओडिशा की पद्म पुरस्कार विजेता हस्तियों को सम्मानित किया, जिनमें श्री भागवत प्रधान, श्री श्रीनिवास उद्गाता, श्री पट्टायत साहू, श्री हलधर नाग, श्री जितेंद्र हरिपाल, श्री मित्रभानु गौंटिया, श्री कैलाश चंद्र मेहर और श्री महेंद्र कुमार मिश्र शामिल हैं। उन्होंने कला, संस्कृति, साहित्य और समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें बधाई भी दी।

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