पटना , जून 10 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से परेशान है।श्री पाण्डेय ने आरोप लगाया कि महंगाई और भ्रष्टाचार लगातार बढ़े हैं तथा समाज में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं।
भाकपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों को मिला है, जबकि गरीब और अधिक गरीब होते गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक नीति दोनों विफल रही हैं। महंगाई के कारण आम जनता का जीवन प्रभावित हुआ है। डीजल, रसोई गैस और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
श्री पाण्डेय ने प्रधानमंत्री द्वारा हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि रोजगार सृजन के बजाय बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं और युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं।उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ। किसानों को खाद, बीज और अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने लघु एवं कुटीर उद्योगों के बंद होने का भी आरोप लगाया।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता अनेक समस्याओं का सामना कर रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी केंद्र सरकार की कथित विफलताओं को लेकर पूरे बिहार में जनसंपर्क अभियान चलाएगी और इन मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित